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ज्योतिबा फुले: भारतीय सामाजिक क्रांति के पुरोधा
आज दलित शब्द भारतीय समाज में सामाजिक-राजनैतिक पहचान के रूप में व्यापक रूप से प्रयुक्त होता है। दलित चेतना को वैचारिक रूप देने, स्त्री-शिक्षा की नींव मजबूत करने और जाति आधारित भेदभाव के खिलाफ स्वर उठाने वाले ज्योतिबा फुले भारतीय समाज-सुधार आंदोलन की केंद्रीय हस्ती रहे। उन्होंने शूद्र-अतिशूद्र शब्द का प्रयोग करते हुए समाज के निचले तबकों के उत्थान पर जोर…